प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत की. इस कार्यक्रम का मकसद समय के साथ गंभीर होती प्लास्टिक की समस्या की तरफ ध्यान खींचना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
कचरा प्रबंधन से जुड़ी महिलाओं के साथ खुद कचरा छांटकर लोगों से प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने की सांकेतिक अपील की.

महात्मा गांधी के जन्म के 150 साल पूरे होने पर भारत इस साल दो अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की शुरुआत कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अब हमें सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना ही होगा. हमें कोशिश करनी है कि दो अक्टूबर तक अपने दफ्तरों, घरों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें.’

प्रधानमंत्री ने गांव-गांव में काम कर रहे सभी संगठनों, सरकारी स्कूलों, कार्यालयों और लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘प्लास्टिक का जो कचरा इकट्ठा होगा, उसको उठाने का काम प्रशासन करेगा और उसे रिसाइकिल किया जायेगा. जो कचरा रिसाइकिल नहीं किया जा सकेगा उसे सड़क बनाने में इस्तेमाल किया जायेगा. इस तरह का काम गांव-गांव में किये जाने की जरूरत है.’

नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ के साथ ही कुछ परिवर्तन अपनी आदतों में भी करना होगा. उनका कहना था, ‘हमें चाहिए कि हम जब भी बाहर जाएं तो हम अपने साथ एक थैला लेकर जाएं ताकि प्लास्टिक बैग की जरूरत न पड़े. यहां तक कि मैं इस बात के भी पक्ष में हूं कि जब भी कोई सरकारी कार्यक्रम हो तो उसमें प्लास्टिक का इस्तेमाल न हो, मिट्टी और धातु के बर्तनों का इस्तेमाल होना चाहिए. जब पर्यावरण साफ रहता है तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है.’