प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ‘ओम’ और ‘गाय’ के बहाने विपक्ष पर करारा वार किया. मथुरा के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘ओम’ शब्‍द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, वहीं कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे सोच वाले लोगों ने ही देश को बर्बाद कर रखा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमारे देश का दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों के कान में अगर ‘ओम’ शब्द पड़ता है तो उनके कान खड़े हो जाते है, कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है तो बाल खड़े हो जाते है. उनको लगता है कि देश 16वीं-17वीं शताब्दी में चला गया. भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन बहुत मूल्यवान है. कोई कल्पना करे कि पशुधन के बिना अर्थव्यवस्था चल सकती है क्या? गांव चल सकता है क्या ? गांव का परिवार चल सकता है क्या ? लेकिन पता नही ‘ओम’ शब्द सुनते ही करंट लग जाता है कुछ लोगो को.’ दक्षिण अफ्रीका के रबांडा का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वहां गांवों में लोगों को गाय भेंट में दी जाती है, गांव में गाय, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन अर्थव्यवस्था का आधार बने हैं. उन्होंने कहा कि रबांडा में भेंट की गयी गाय की पहली बछिया को सरकार लेती हैं और उन्हें सौंपती हैं जिनके पास गाय नहीं है, इस तरह पूरी श्रंखला चलती रहती है और गाय लोगों की आय का एक हिस्सा बनती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मथुरा में राष्ट्रीय पशु रोग उन्मूलन कार्यक्रम की शुरूआत की और पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग को दूर करने और टीकाकरण से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण किया.