समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गाजियाबाद में वाहन जांच के दौरान एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत को ‘ट्रैफिक टेररिज्म’ का नतीजा करार दिया है. बुधवार को उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार को इस मामले में गुजरात के नक्शेकदम पर चलना चाहिये.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा सरकार द्वारा लागू ट्रैफिक टेररिज्म के कारण नोएडा में वाहन चेकिंग के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु बेहद दुखद घटना है. भाजपा शासित गुजरात ने (यातायात सम्बन्धी) इन प्रताड़नाकारी नियमों को नकार दिया है, उत्तर प्रदेश की सरकार भी उत्पीड़न बंद करे.’

बीते रविवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 35 वर्षीय गौरव शर्मा की तब दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, जब कथित तौर पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चलते पुलिस ने उनकी कार को रोक लिया था. गौरव के साथ उनके माता-पिता भी थे, जिनका आरोप है कि नए ट्रैफिक नियमों की आड़ में पुलिस ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी की.

मृतक के पिता मूलचंद शर्मा ने मीडिया से कहा, ‘हर चीज का एक तरीका होता है. ठीक है कि ट्रैफिक रूल्स बदल गए हैं. लेकिन पुलिस को अगर किसी गाड़ी को रोकना है तो उसे अपना व्यवहार ठीक रखना चाहिए. ये कोई लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला नहीं था. कार में दो बुजुर्ग बैठे हुए थे. इसके बावजूद उन्होंने कार के बोनट पर डंडा मारा...ये चेकिंग का तरीका नहीं होता. किस नियम में लिखा है ये?’

मूलचंद शर्मा के मुताबिक चलती गाड़ी पर डंडा लगा तो उन्होंने और गौरव ने इसका विरोध किया. उनका आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनसे अभद्रता की. इसी दौरान गौरव बेसुध होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई. मूलचंद शर्मा का कहना है कि अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने ठीक से बर्ताव किया होता तो उन्हें अपना बेटा नहीं खोना पड़ता.