उन्नाव सामूहिक बलात्कार मामले में दिल्ली के एम्स में अदालत लगने की खबर आज लगभग सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. जिला न्यायाधीश ने इस अस्पताल में भर्ती पीड़िता का बयान लिया. मामले में आरोपित विधायक और भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को भी एम्स लाया गया था. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल उत्तर प्रदेश के मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की. इसका मकसद प्लास्टिक की समस्या पर लगाम लगाना है. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा. इस खबर को भी कई अखबारों ने पहले पन्ने पर छापा है.

लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव

भारत और चीन की सेना के बीच लद्दाख में टकराव की खबर है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह टकराव पैंगांग झील में हुआ. इस झील का दो तिहाई हिस्सा चीन में है और बाकी भारत में. बताया जाता है कि जब भारतीय सेना की एक टीम झील में गश्त कर रही थी तो चीनी सैनिकों ने उसे रोक लिया और उसकी मौजूदगी पर आपत्ति की. भारतीय सेना ने इसका विरोध किया और कहा कि वह अपने इलाके में है. दोनों ओर से तनातनी बढ़ने के बाद पीछे संदेश भेजकर अतिरिक्त सैनिकों को बुला लिया गया. अखबार के मुताबिक खबर लिखे जाने तक दोनों तरफ के सैनिक आमने-सामने डटे हुए थे.

नए ट्रैफिक नियमों पर कई राज्य अपनी राह चले

नए ट्रैफिक नियमों के तहत भारी जुर्माने पर बहस के बीच कई राज्यों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राह चलने का फैसला किया है. हिंदुस्तान के मुताबिक गुजरात और उत्तराखंड सरकार ने इस जुर्माने को आधा कर दिया है, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली भी कुछ ऐसा ही करने की तैयारी में है. उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि वे नए नियमों को अपने यहां लागू नहीं करेंगी. दूसरी तरफ, केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन राज्यों को नसीहत दी है. उनका कहना है कि ये राज्य जो कर रहे हैं वह उनका अधिकार है, लेकिन लोगों का जीवन सुरक्षित होना चाहिए.

ऊबर के खिलाफ जांच को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से कहा है कि वह टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी ऊबर इंडिया के खिलाफ जांच करे और छह महीने में अपनी रिपोर्ट दे. दैनिक जागरण के मुताबिक ऊबर पर आक्रामक प्राइसिंग के जरिये प्रतिस्पर्धी कंपनियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. 2016 में मेरू कैब्स नामक एक कंपनी की शिकायत पर एक अपीलीय प्राधिकरण ने आयोग को मामले की जांच करने का आदेश दिया था. लेकिन ऊबर ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी. इसके बाद 2017 में शीर्ष अदालत ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था.

फारुक अब्दुल्ला की नजरबंदी के खिलाफ वाइको सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

एमडीएमके के संस्थापक और राज्यसभा सांसद वाइको ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को रिहा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है. द ट्रिब्यून के मुताबिक वाइको ने कहा कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई के जन्मदिन पर 15 सितंबर को चेन्नई में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें भाग लेने के लिए उन्होंने फारुख अब्दुल्ला को आमंत्रित किया है. वाइको के मुताबिक नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है. अब्दुल्ला पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही घर में नजरबंद हैं.