सरकारी कंपनी एमएमटीसी (मेटल्स एंड मिनरल्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) लिमिटेड के एक फैसले ने किसानों की भंवें चढ़ा दी हैं. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एमएमटीसी ने पाकिस्तान, मिस्र, चीन, अफगानिस्तान और अन्य देशों से प्याज के आयात के लिए निविदा मंगाई है. छह सितंबर को जारी की गई इस निविदा में कहा गया है कि प्याज की डिलिवरी नवंबर के आखिर तक हो जाए.

महाराष्ट्र के किसानों ने इस पर आपत्ति जताई है. स्वाभिमानी शेतकारी संगठन का कहना है कि एक महीने के भीतर खरीफ की फसल कटने वाली है और ऐसे में बाहर से प्याज मंगाने से देश के किसानों को नुकसान होगा. संगठन के मुखिया राजू शेट्टी का कहना है, ‘पाकिस्तान से आयात क्यों? क्या भारत के किसान उससे बड़े दुश्मन हैं?’

प्याज की बड़ी मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में इन दिनों इसका दाम 2300 रु प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है. यहां की एपीएमसी (कृषि उत्पादन बाज़ार समिति) मंडी के अध्यक्ष जयदत्ता होल्कर कहते हैं, ‘जिस मात्रा के लिए निविदा मंगाई गई है (2000 टन, दो प्रतिशत प्लस और माइनस) वह बहुत अधिक नहीं है, लेकिन इससे किसानों की भावनाएं जरूर प्रभावित होंगी.’ उनके मुताबिक अब किसान भंडारण के बजाय फसल बेचने की जल्दी करेंगे जिससे कीमतें गिर जाएंगी.