समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच चल रही तनातनी एक नए दौर में पहुंच गई है. ताजे घटनाक्रम में, सपा ने विधानसभा अध्यक्ष से शिवपाल यादव की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की अपील की है.

विधानसभा में समाजवादी पार्टी एवं विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और कभी पार्टी के कद्दावर नेता रहे शिवपाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद करने के लिए यह याचिका दी है. यह याचिका दलबदल विरोधी कानून के आधार पर दी गई है. विधानसभा के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सपा नेता राम गोविंद चौधरी के पत्र के बाद शिवपाल यादव को अपना पक्ष रखने के लिये नोटिस भेज दिया गया है. उसका जवाब आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष अपना फैसला करेंगे. इस बारे में शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रवक्ता सीपी राय का कहना है, ‘लोकसभा चुनाव लड़ने से पहले शिवपाल यादव ने विधानसभा अध्यक्ष को सूचित कर दिया था कि वह अपनी नयी पार्टी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं . अब विधानसभा अध्यक्ष का पत्र आने के बाद एक बार फिर उन्हें सूचित कर दिया जायेगा.’

शिवपाल यादव ने पिछले साल सपा से अलग हो कर ‘प्रगतिशील समाजवादी पार्टी’ नाम से अपनी पार्टी बनाई थी. शिवपाल यादव अभी भी सपा से ही विधायक हैं. लोकसभा चुनाव में शिवपाल खुद भी मैदान में थे और अपनी पार्टी से कई नेताओं को अलग अलग सीटों पर टिकट दिया था. लेकिन उन्हें एक भी लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं हुई थी.