‘नहीं, मुझे नहीं लगता, इसकी जरूरत है.’

— नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री

नितिन गडकरी ने यह बात दिल्ली में एक बार फिर से ऑड-ईवन योजना के ऐलान पर कही है. राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज ऐलान किया कि यह योजना चार से 15 नवंबर तक चलाई जाएगी. नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए इसकी कोई जरूरत नहीं है क्योंकि केंद्र की योजनाएं आने वाले दो साल में दिल्ली को प्रदूषणमुक्त कर देंगी.

‘1991 की नव-उदारवाद की नीतियों की सरकार समीक्षा करे.’  

— एन गोविंदाचार्य, चिंतक

लंबे समय तक आरएसएस से जुड़े रहे एन गोविंदाचार्य ने यह बात मौजूदा आर्थिक मंदी की वजहों पर बात करते हुए कही. उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण कृषि उत्पादों की मांग और पूर्ति में विसंगति बढ़ती गई और इसके कारण बेरोजगारी भी बढ़ी. गोविंदाचार्य ने कहा कि भारत की आर्थिक नीतियां घरेलू उत्पादन और उपभोग के आधार पर बननी चाहिए.


‘हमें बाकी फिल्म नहीं देखनी है.’  

— कपिल सिब्बल, कांग्रेस नेता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर पलटवार करते हुए आई. उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर गिर गई है और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है. गुरुवार को रांची में अपनी सरकार के 100 दिनों की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश ने अभी उनकी सरकार का बस ट्रेलर देखा है, पूरी फिल्म तो अभी बाकी है.


‘मुझे नहीं लगता कि इजराइली हमारी जासूसी कर रहे हैं.’

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

डोनाल्ड ट्रंप की यह प्रतिक्रिया इस खबर पर हो रहे हंगामे के बाद आई है कि व्हाइट हाउस के आसपास कॉल्स और संदेशों की जासूसी के पीछे इजराइल का हाथ है. इजराइल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस खबर को सिरे से खारिज किया है. डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास में अपने आप को सबसे अधिक इजराइल समर्थक राष्ट्रपति बताते हैं.