‘निवेश की दर में वृद्धि हुई है और उद्योग जगत की हालत में सुधार के संकेत भी साफ दिख रहे हैं.’  

— निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

मंदी की आहट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बात आज एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. देश को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए उन्होंने कहा है कि अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले अलग-अलग कारकों में सुधार के साफ संकेत हैं. उन्होंने निर्यात क्षेत्र के लिए कई विशेष उपायों का ऐलान भी किया.

‘हम कई भाषाएं सीख सकते हैं लेकिन हमें अपनी मातृभाषा कभी भूलनी नहीं चाहिए.’  

— ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी का यह बयान हिंदी दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के बाद आया. इसमें कहा गया था कि पूरे देश के लिए एक भाषा होनी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय तौर पर भारत की पहचान बने. हिंदी दिवस की बधाई देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान होना चाहिए.


‘अगले चुनाव के समय यानी 2024 में जब हम मिलेंगे, उम्मीद है कि हम नए संसद भवन में होंगे.’

— हरदीप पुरी, केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री

हरदीप पुरी के मुताबिक संसद भवन और सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की सरकार की मेगा योजना और विभिन्न मंत्रालयों के लिए एक समग्र परिसर का निर्माण कार्य अगले साल शुरू हो सकता है. मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर उनकी यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है. इसके तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किमी के दायरे के इलाके को पुनर्विकसित किया जाना है.


‘असली दिक्कत यह है कि सीमा को सही तरीके से परिभाषित नहीं किया गया है जिसके कारण चीन को कुछ और लगता है और हमें कुछ और.’  

— शेरिंग नामग्याल, सांसद

लद्दाख से सांसद शेरिंग नामग्याल ने यह बात हाल में पैंगांग झील में भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव पर कही. उनका कहना था कि यह समस्या वास्तविक नियंत्रण रेखा का उचित तरीके से सीमांकन न होने से पैदा होती है. हालांकि एक दिन की तनातनी के बाद इस टकराव को आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया है.