स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण की पीड़िता के पिता ने वीडियो वायरल होने की शिकायत सुप्रीम कोर्ट से करने का फैसला किया है. रविवार को पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने साक्ष्य के तौर पर चिन्मयानंद की मालिश करने के वीडियो विशेष जांच दल (एसआईटी) को दिए. उनके अनुसार अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं.

पीटीआई के मुताबिक पीड़िता के पिता का कहना है कि जब उनकी बेटी ने साक्ष्य के तौर पर ये वीडियो केवल एसआईटी को ही दिए थे तो ये लीक कैसे हो गए. उनके मुताबिक इसके पीछे बड़ी साजिश है जिसकी जानकारी वह उच्चतम न्यायालय को देंगे और इस पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह भी करेंगे.

उधर, रविवार को ही स्वामी चिन्मयानंद के पक्ष में हिंदू महासभा के तथाकथित नेता ओम जी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने छह दिसंबर को राम मंदिर का निर्माण करने की घोषणा की है, ऐसे में अगर स्वामी चिन्मयानंद को कुछ हो जाता है तो मंदिर निर्माण में रोड़ा पैदा होगा.

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से चिन्मयानंद के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज नहीं करने और अगर दर्ज होता है तो उसे रद्द करने का अनुरोध किया है.