हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में असम की तर्ज पर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी को लागू करने की बात कही है. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘हरियाणा में हम असम की तर्ज पर एनआरसी लागू करेंगे. मैंने इस बारे में रिटायर्ड जज एचएस भल्ला से बात की है.’ एचएस भल्ला हरियाणा मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं. इसके अलावा मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य में एक विधि आयोग बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. हरियाणा में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं. साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47 सीटें जीतकर यहां पहली बार अपने बल पर सरकार बनाई थी.

एनआरसी में उन लोगों के नाम होते हैं जो भारत के वैध नागरिक हैं. फिलहाल सिर्फ असम में यह कवायद हुई है. राज्य के 3.3 करोड़ में करीब 19 लाख लोगों को इस रजिस्टर में जगह नहीं मिली है जिसका मकसद बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को राज्य से बाहर निकालना था. हालांकि इसकी अंतिम सूची पर काफी विवाद हो रहा है. केंद्र और राज्य सरकार का मानना है कि कई अवैध घुसपैठियों ने अधिकारियो को रिश्वत देकर इस सूची में अपना नाम डलवा लिया है. उधर, बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी सामने आए हैं जिनका दावा है कि वे असम के मूल निवासी हैं, लेकिन यह बात साबित करने के लिए उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं.