नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला को लेकर एमडीएमके नेता वाइको की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है. वाइको ने अपनी याचिका में मांग की थी कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को पेश करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया जाए. इस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पूछा, ‘क्या वो हिरासत में हैं?’ इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा वे सरकार से पूछकर बताएंगे. मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर तय की गई है.

इससे पहले 11 सितंबर को खबर आई थी कि एमडीएमके के संस्थापक और राज्यसभा सांसद वाइको ने फारुक अब्दुल्ला की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की है. वाइको का कहना था कि कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई के जन्मदिन पर चेन्नई में एक कार्यक्रम के लिए उन्होंने फारुख अब्दुल्ला को आमंत्रित किया है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. पिछले चार दशकों से खुद को फारुक अब्दुल्ला का करीबी दोस्त बताते हुए वाइको ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस नेता को अवैध तरीके से हिरासत में लेकर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है. फारुक अब्दुल्ला पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही घर में नजरबंद हैं.