फारूक अब्दुल्ला पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगाया गया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारुक अब्दुल्ला पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट लगा दिया गया है. यानी अब उन्हें दो साल या इससे ज्यादा समय तक हिरासत में रखा जा सकता है. अब तक वे एहतियाती हिरासत में थे. पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही फारुक अब्दुल्ला श्रीनगर में हिरासत में हैं. उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती सहित राज्य के कई दूसरे नेता भी हिरासत में रखे गए हैं.

आज ही सुप्रीम कोर्ट ने फारुक अब्दुल्ला की हिरासत पर केंद्र सरकार के सात दिन के भीतर जवाब भी मांगा है. एमडीएमके नेता वाइको ने एक याचिका में अपील की थी कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को पेश करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया जाए. इस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पूछा कि क्या वे हिरासत में हैं. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वे सरकार से पूछकर बताएंगे. मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर तय की गई है.

संतोष गंगवार के बयान पर विवाद जारी, प्रियंका गांधी ने कहा - मंत्री जी ने इतनी बड़ी बात कही है तो उन्हें आंकड़े भी देने चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात बहाल करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने ये भी कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वो ख़ुद जम्मू-कश्मीर जा सकते हैं. सु्प्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्र हित का ध्यान रखते हुए ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य में स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन जैसी सेवाएं ठीक से काम करें. अदालत ने ये बातें अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के ख़िलाफ़ दाख़िल की गई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कीं. शीर्ष अदालत ने कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद को राज्य में जाने की इजाज़त भी दे दी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्हें वहां रैलियां करने या फिर सार्वजनिक तौर पर भाषण देने की इजाज़त नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जम्मू-कश्मीर में सामान्य हालात बहाल करने को कहा

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार के बयान पर विवाद जारी है. आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उनके मुताबिक सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछले पांच वर्षों में उसने उत्तर भारत के लोगों को कितनी नौकरियां दी हैं, क्योंकि नौकरियां छीनने के आंकड़े तो जनता के पास हैं. बीते शनिवार को संतोष गंगवार ने कहा था कि देश में रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उत्तर भारत में कंपनियों को योग्य लोग नहीं मिलते. एक ट्वीट में प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार के मंत्री ने इतनी बड़ी बात बोली है तो आंकड़े भी देने चाहिए. उधर, विवाद बढ़ता देख संतोष गंगवार ने सफाई दी है. उनका कहना है कि उनके बयान को गलत समझा गया.

हाउडी मोदी कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी के साथ डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल होंगे

22 सितंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रम ‘हाउडी मोदी’ में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शिरकत करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वे भी भारतीय-अमेरिकी समुदाय से मुखातिब होंगे. हालिया इतिहास में यह पहली बार होगा जब दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के नेता एक संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे. टेक्सास के ह्यूस्टन शहर में हो रहे इस आयोजन के लिए 50 हजार से ज्यादा ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है जो एक रिकॉर्ड है. ‘हाउडी’ शब्द एक स्लैंग है जिसका मतलब है ‘आप कैसे हैं?’ दक्षिण पश्चिम अमेरिका में मित्रवत अभिवादन के लिए इस शब्द का प्रयोग किया जाता है. उधर, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि वे डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत का इंतजार कर रहे हैं.

सऊदी अरामको पर हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य प्रतिक्रिया का संकेत दिया, कहा - तैयारी पूरी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका देश सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है. ये पहला मौका है जब डोनाल्ड ट्रंप ने किसी संभावित सैन्य प्रतिक्रिया का संकेत दिया है. यमन में ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के दो बड़े तेल संयंत्रों पर हमले का दावा किया था. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने हालांकि इसके लिये ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. उनका कहना था कि हमला यमन ने किया है. उधर, ईरान ने अरामको के तेल ठिकानों पर हमला करने का अमेरिका का आरोप खारिज किया है. साथ ही, उसने चेताया है कि इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे और एयरक्राफ़्ट कैरियर उसकी मिसाइलों की रेंज में हैं.