सऊदी अरब की कंपनी अरामको के तेल ठिकानों पर हमले में इस्तेमाल किये गए हथियार सऊदी के चिर-प्रतिद्वंदी ईरान से आए थे. यमन में लड़ रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने सोमवार को यह बात कही है.

पीटीआई के मुताबिक राजधानी रियाद में सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल मालिकी ने पत्रकारों से कहा, ‘पूरे मामले की जांच जारी है और सभी संकेत इशारा कर रहे हैं कि दोनों हमलों में इस्तेमाल किए गए हथियार ईरान से आए थे.’ उन्होंने कहा कि अब इस बात की जांच की जा रही है कि इन्हें कहां से दागा गया था.

सऊदी अरब की चर्चित कंपनी अरामको के दो प्रमुख तेल प्रतिष्ठानों पर शनिवार को हुए हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी, जो ईरान समर्थित हैं.

उधर, अमेरिका ने भी इन हमलों में ईरान का हाथ होने का दावा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनका देश सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर हुए हमले पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है. हालांकि, ईरान ने अरामको के तेल ठिकानों पर हमला करने का अमेरिका का आरोप खारिज किया है. उसने अमेरिका को चेताते हुए यह भी कहा है कि मध्यपूर्व के कईं क्षेत्रों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे और एयरक्राफ़्ट कैरियर उसकी मिसाइलों की रेंज में हैं.