सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के संयंत्रों पर हुए ड्रोन हमले ने कच्चे तेल के दाम में आग लगा दी है. सोमवार को वैश्विक बाजार में इसकी कीमत में 19 फीसदी तक तेजी आ गई. 1991 के खाड़ी युद्ध के बाद यह एक दिन में कीमतों में आई सबसे ज्यादा तेजी है. जानकारों के मुताबिक इसका असर भारत पर भी पड़ने वाला है जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में पांच-छह रु की बढ़ोतरी हो सकती है.

ड्रोन हमले के चलते अरामको के संयंत्रों में लगी आग से सऊदी अरब में रोज का तेल उत्पादन आधा रह गया है. यह रोज की कुल वैश्विक आपूर्ति का छह फीसदी हिस्सा है. हालांकि अरामको ने कहा है कि भारत को होने वाली आपूर्ति पर इसका असर नहीं पड़ेगा. तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के महासचिव मोहम्मद बरकिंडो ने भी कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि भारत पर इसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के रूप में पड़ना तय है. माना जा रहा है कि इससे सरकार की चुनौतियां बढ़ गई हैं जो मंद होते अर्थव्यवस्था के चक्के की रफ्तार तेज करने की जुगत में लगी है.

भारत अपनी जरूरत का 83 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. इसलिए माना जा रहा है कि कीमतों में यह तेजी बनी रही तो इसका देश के आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ेगा. इससे चालू खाते का घाटा बढ़ने के साथ-साथ रुपया भी कमजोर होगा और महंगाई भी बढ़ सकती है.