मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इस दावे को खारिज किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया मुलाकात में उनसे विवादास्पद धर्म उपदेशक जाकिर नाइक के भारत प्रत्यर्पण की मांग की थी. एक रेडियो इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘भारत ने इसकी मांग नहीं की. जब मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला तो उन्होंने मुझसे यह नहीं कहा कि वे इस शख्स को वापस चाहते हैं. यह आदमी भारत के लिए मुश्किल हो सकता है.’

महातिर मोहम्मद के इस बयान ने विदेश मंत्रालय के बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस महीने रूस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात हुई थी. इसके बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि दोनों नेताओं ने जाकिर नाइक के मुद्दे पर चर्चा की है. उनका कहना था, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मामला उठाया. दोनों पक्षों ने फैसला किया है कि हमारे अधिकारी इस संबंध में संपर्क में रहेंगे. यह हमारे लिए महत्वपूर्ण मामला है.’

महातिर मोहम्मद के साथ जाकिर नाइक

53 वर्षीय जाकिर नाइक टेलीविजन के माध्यम से उपदेश देने वाला एक कट्टरपंथी प्रचारक है. भारत में उस पर मनी लॉन्डरिंग और भड़काऊ भाषण जैसे आरोपों में मुकदमे चल रहे हैं. उसके खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जुलाई 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के उस हमले में 20 लोगों की मौत हो गई थी. हमलावरों में से तीन जाकिर नाइक के प्रशंसक बताए गए. इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ जांच शुरू की थी. इसके बाद वह मलेशिया भाग गया था. बीते महीने मलेशिया की हिंदू और चीनी आबादी के खिलाफ उसकी टिप्पणियों के बाद उसे देश में हर सार्वजनिक गतिविधि से प्रतिबंधित कर दिया था.