अफगानिस्तान में हुए एक आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 24 लोगों की मौत की खबर है. यह धमाका परवान प्रांत में राष्ट्रपति अशरफ गनी की एक रैली में हुआ. 34 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं. अशरफ गनी सुरक्षित हैं. अभी तक किसी ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है.

अफगानिस्तान में इसी महीने राष्ट्रपति चुनाव हैं और इनसे पहले हिंसा की घटनाओं में बहुत तेजी आ गई है. आज ही काबुल में हुए एक अन्य बम धमाके में तीन लोग मारे गए. तालिबान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के अचानक रुक जाने के बाद जानकार मान रहे हैं कि हिंसा बढ़ेगी ही. तालिबान ने कहा भी है कि वह चुनाव नहीं होने देगा. उधर, सरकार का कहना है कि वह चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस कवायद को अंजाम देने के लिए पूरे देश में 70 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.

2001 में अमेरिका पर अल कायदा के हमले के बाद अमेरिकी फौजों ने तालिबान को अफगानिस्तान की सत्ता से बाहर कर दिया था. लेकिन आज देश के एक बड़े हिस्से पर उसका वापस कब्जा हो चुका है. अमेरिका से शांति वार्ता टूटने पर उसका कहना है कि इसका नुकसान अमेरिका को ही होगा.