पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम में आ रही तेजी को लेकर चिंता के बीच शेयर बाजारों में मंगलवार को बड़ी गिरावट आयी और सेंसेक्स 642 अंक टूट गया. निवेशक कच्चे तेल के दाम में तीव्र वृद्धि से देश की राजकोषीय सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंतित हैं.

बंबई शेयर बाजार का तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 642.22 अंक यानी 1.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36,481.09 अंक पर बंद हुआ. एक समय इसमें 704 अंक तक की गिरावट आ गयी थी. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 185.90 अंक यानी 1.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,817.60 अंक पर बंद हुआ. विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक सऊदी अरब के तेल संयंत्र पर हमले के बाद तनाव और अनिश्चितता से चिंतित हैं. निवेशक इस रिपोर्ट से भी चिंतित है कि तेल के दाम में तेजी का असर भारत की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है. भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का 70 प्रतिशत आयात से पूरा करता है. ऐसे में कच्चे तेल के बढ़े दाम भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं.

सऊदी अरब में दुनिया के सबसे बड़े तेल संयंत्र पर हमले के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में रिकार्ड तेजी आयी है. ब्रेंट क्रूड का भाव सोमवार को 20 प्रतिशत बढ़कर 71.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हालांकि मंगलवार को इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 67.97 डालर प्रति बैरल पर आ गया.