पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान आज सभी अखबारों के पहले पन्ने पर है. विदेश मंत्री ने कहा कि पीओके भारत का हिस्सा है और वे उम्मीद करते हैं कि एक दिन यह भारत के भौतिक अधिकार क्षेत्र में होगा. एस जयशंकर ने इसके साथ ही यह भी कहा कि एक सीमा के बाद इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे क्योंकि यह भारत का आंतरिक मामला है. इसके अलावा शेयर बाजार में भारी गिरावट को भी कई अखबारों ने प्रमुख सुर्खियों में शामिल किया है. कच्चे तेल के दाम में आई अप्रत्याशित तेजी के चलते मंगलवार को सेंसेक्स 642 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी में 186 अंक की गिरावट देखी गई.

कल्याणकारी राज्य भारत की अवधारणा नहीं है : आरएसएस

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य का कहना है कि वेलफेयर स्टेट यानी कल्याणकारी राज्य भारत का विचार नहीं है. उनके मुताबिक भारतीय समाज में इतनी ताकत है कि वह हर चीज के लिए सरकार पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बन सकता है. दैनिक जागरण के मुताबिक आरएसएस के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने ये बातें भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं. उनका कहना था, ‘कुछ लोगों की यह सोचने की आदत होती है कि सब कुछ सरकार द्वारा किया जाएगा. लेकिन यह नजरिया भारतीय समाज का नहीं रहा है. हमारा समाज परंपरागत रूप से साहसी रहा है. उसमें आत्मनिर्भर बने रहने की क्षमता रही है.’

केंद्र की राज्यों को एडवाइजरी, दो अक्टूबर तक चुनिंदा सिंगल यूज प्लास्टिक आइटमों पर रोक लगाने को कहा

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि वे दो अक्टूबर से पहले प्लास्टिक बैग और कटलरी पर रोक लगाएं. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा जारी इस एडवाइजरी में थर्मोकोल से बनी कटलरी पर भी रोक लगाने के लिए कहा गया है. भारत का लक्ष्य है कि 2022 तक सभी सिंगल यूज प्लास्टिक आइटमों पर रोक लगा दी जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाकी देशों से भी अपील की है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए वे सिंगल यूज प्लास्टिक को अलविदा कहें.

ओवरबुकिंग के चलते छह महीने में 21 हजार से ज्यादा यात्रियों को फ्लाइट में चढ़ने से रोका गया

देश में रोज औसतन 120 यात्री फ्लाइट में चढ़ने से रोके जा रहे हैं. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से जून 2019 के बीच 21 हजार से भी ज्यादा यात्रियों को इसके चलते परेशानी हुई है. इस मामले में सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया सबसे आगे है. रिपोर्ट के मुताबिक यह दिक्कत ओवरबुकिंग के चलते हो रही है. इसके चलते यात्री के पास या तो तो उसी एयरलाइन की अगली फ्लाइट से जाने का विकल्प होता है या फिर अपना पैसा वापस लेने का. वह हर्जाने का दावा भी कर सकता है. हर्जाना देने के मामले में भी एयर इंडिया सबसे आगे है जिसने छह महीनों में इसके लिए करीब छह करोड़ रु चुकाए हैं.

मॉनसून के अभी जाने के लक्षण नहीं : मौसम विभाग

देश के एक बड़े हिस्से में मॉनसून अभी बना हुआ है. हिंदुस्तान टाइम्स ने मौसम विभाग के हवाले से खबर दी है कि अभी इसकी वापसी के आसार भी नहीं लग रहे. आमतौर पर मॉनसून सितंबर के पहले हफ्ते से वापस जाना शुरू कर देता है, लेकिन आधा सितबंर बीत चुका है और अभी मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में खूब बारिश हो रही है. अधिकारियों का कहना है कि अभी पांच दिन तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है.