चीन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दा संभवत: चर्चा का बड़ा विषय नहीं होगा. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘कश्मीर एजेंडे में शामिल होगा या नहीं, मैं इस बारे में आश्वस्त नहीं हूं क्योंकि यह एक अनौपचारिक शिखर वार्ता और नेताओं की बैठक है. मेरे विचार में हमें नेताओं को उस पर चर्चा करने के लिए अधिक वक्त देना चाहिए जिस पर वे चर्चा करना चाहें.’ शी जिनपिंग अगले महीने भारत आ रहे हैं.

चीन का यह बयान इस लिहाज से अहम है कि उसका करीबी सहयोगी पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने के भारत के फैसले पर जोर-शोर से अभियान चला रहा है. पांच अगस्त को भारत सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किए जाने के फैसले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों का दर्जा घटा दिया था और भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया था.

हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कश्मीर जैसे मुद्दे बातचीत में बड़े विषय के रूप में शामिल किए जाएंगे. ये मेरी समझ है.’ कश्मीर मुद्दे के समाधान पर चीन के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर हुआ ने दोहराया, ‘हमने कश्मीर को हमेशा से भारत और पाकिस्तान के बीच एक समस्या के तौर पर देखा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें उम्मीद है कि यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ताना और शांतिपूर्ण तरीके से हल किया जाएगा.’