‘हिंदी न थोपें. पूरे भारत में एक ही भाषा संभव नहीं.’  

— रजनीकांत, फिल्म अभिनेता

सुपर स्टार रजनीकांत का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने हिंदी को भारत की आम भाषा बनाने की वकालत की थी. दक्षिण भारतीय राज्यों की ओर से इस पर विरोध जताया जा रहा है. रजनीकांत ने कहा कि तमिलनाडु ही नहीं बल्कि उत्तर भारत में भी कई राज्य यह स्वीकार नहीं करेंगे. उनसे पहले डीएमके नेता एमके स्टालिन और फिल्म अभिनेता कमल हासन भी अमित शाह के बयान पर विरोध जता चुके हैं.

‘जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35ए हटाकर मोदी जी ने पाकिस्तान को उसकी जगह दिखाने का काम किया है.’

— अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

अमित शाह ने यह बात झारखंड के जामताड़ा में विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए कही. उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर भी हमला किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर पर सरकार का फैसला देशहित में है, पर न जाने क्यों कांग्रेस के पेट में दर्द होता है. अमित शाह का यह भी कहना था कि जब देशहित की बात हो तो पक्ष-विपक्ष नहीं होता बल्कि ऐसे मुद्दे पर पूरा राष्ट्र एकजुट होता है.


‘2030 तक 70 फीसदी शहरी भारत का पुनर्निर्माण होगा.’ 

— हरदीप पुरी, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री

हरदीप पुरी ने यह बात दिल्ली में एक आयोजन में कही. उन्होंने कहा कि 2030 तक देश की 60 फ़ीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रह रही होगी और इसके लिए मंत्रालय ने तैयारी पूरी कर ली है. हरदीप पुरी ने साफ किया कि भवन निर्माण क्षेत्र में नयी तकनीकों की मदद से मौजूदा इमारतों को भी भविष्य की ज़रूरतों के मुताबिक़ बनाया जाएगा. उनके मुताबिक संसद भवन के पुनर्निर्माण के लिए भी वैश्विक स्तर पर ‘आइडिया’ आमंत्रित किये गये हैं.


‘अमेरिका से वार्ता के दौरान तालिबान ने अपनी लड़ाई जारी रख कर कुछ गलत नहीं किया.’  

— शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तालिबान के मुख्य वार्ताकार

तालिबान के मुख्य वार्ताकार का यह बयान अफगानिस्तान में दो आतंकी हमलों में 50 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद आया है. इन दोनों हमलों की जिम्मेदारी इसी आतंकी संगठन ने ली है. शेर मोहम्मद ने कहा कि अमेरिका और तालिबान के बीच वार्ता के दौरान अमेरिकियों ने हजारों की संख्या में तालिबानियों को मारने की बात स्वीकार की है और इस तरह से उन्होंने भी अपनी कार्रवाई जारी रखकर कुछ गलत नहीं किया. डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह बातचीत रोकने का ऐलान किया था.


‘नरेंद्र मोदी-शी जिनपिंग शिखर वार्ता के दौरान कश्मीर मुद्दा बड़ा विषय नहीं होगा.’ 

— हुआ चुनयिंग, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता

चीनी विदेश मंत्रालय का यह बयान अगले महीने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले आया है. हुआ चुनयिंग ने कहा कि यह एक अनौपचारिक शिखर वार्ता है और यह दोनों नेताओं पर ही छोड़ देना चाहिए कि वे किन मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं. चीन का यह बयान इस लिहाज से अहम है कि उसका करीबी सहयोगी पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द करने के भारत के फैसले के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चला रहा है.