उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में 80 हजार लोगों को रोजगार दिया गया है. बुधवार को अपनी सरकार के ढाई साल पूरा होने के मौके पर देहरादून में मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री रावत ने यह बात कही.

पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले साल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से अब तक की अवधि में लगभग 17 हजार करोड़ रूपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है. जबकि उत्तराखण्ड बनने के 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ का निवेश हुआ था.

त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना था, ‘पिरूल (चीड की सूखी पत्तियां) और अन्य बायोमास आधारित ऊर्जा उत्पादन नीति के तहत अभी तक 21 योजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं. प्रदेश में छह हजार पिरूल संयंत्र स्थापित करने की योजना है जिनसे लगभग 60 हजार लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.’ उनके मुताबिक अभी तक बहुत कुछ किया गया है और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है .

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अपनी उपलब्धियों में भ्रष्टाचारमुक्त शासन, सीएम डैशबोर्ड ‘उत्कर्ष’, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में सुधार, अटल आयुष्मान योजना, भारत माला योजना, आल वेदर रोड और पर्वतीय क्षेत्रों में बडी संख्या में डाक्टरों की तैनाती सहित कई योजनाओं का जिक्र किया.

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा, ‘हमारी कोशिश रही है कि उत्तराखण्ड में केंद्र सरकार के सहयोग से बड़े संस्थान खुल सकें. देहरादून में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर व रानी पोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास कर दिया गया है. इसके अलावा, डोईवाला में सीपेट शुरू किया जा चुका है और अल्मोड़ा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑन नेचुरल फाईबर की स्थापना की जा रही है. देश की पांचवी साइंस सिटी देहरादून में बनाई जा रही है.’