सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई 18 अक्टूब तक पूरी हो जाएगी. उसका कहना है कि अगर संंबंधित पक्ष चाहें तो अब भी बातचीत के जरिये मामला सुलझा सकते हैं. शीर्ष अदालत इन दिनों रोजाना के आधार पर इस मामले की सुनवाई कर रही है. इस खबर को आज के सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसके अलावा सरकार ने ई सिगरेट पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इससे संबंधित अध्यादेश राष्ट्रपति को भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि ई सिगरेट से युवाओं के स्वास्थ्य को बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला किया गया है.

दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोटरों की हड़ताल

दिल्ली-एनसीआर में आज ट्रांसपोटरों की हड़ताल है. व्यावसायिक वाहन यानी बसें और टैक्सियां आज सड़कों से गायब रहेंगी. इसके चलते आज स्कूलों को छुट्टी करनी पड़ी है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह हड़ताल नए ट्रैफिक नियमों के तहत बढ़े हुए जुर्माने के चलते बुलाई गई है. ये नियम इसी महीने की एक तारीख से अमल में आए हैं. कई राज्यों ने इनके विरोध को देखते हुए जुर्माने की रकम को घटा दिया है तो कई ने अब तक ये नए नियम लागू नहीं किए हैं. उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि जुर्माना ज्यादा होगा तो ट्रैफिक नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित होगा.

पूरे देश में एनआरसी लागू करेंगे : अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि असम की तर्ज पर पूरे देश में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स) लागू होगा. दैनिक जागरण के मुताबिक झारखंड की राजधानी झांसी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘एक भी घुसपैठिया भारत में नहीं रहने दिया जाएगा.’ अमित शाह ने आगे कहा, ‘दुनिया में एक भी ऐसा देश नहीं है जहां कोई भी अवैध रूप से बस जाए, तो फिर भारत में कोई अवैध रूप से कैसे रह सकता है? देश में रहने वालों का एक रजिस्टर जरूरी है, ताकि घुसपैठियों की पहचान हो और उन्हें देश से बाहर किया जा सके.’

ड्रग्स के पैसे का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में हो रहा है : दिलबाग सिंह

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि मादक पदार्थों यानी ड्रग्स के पैसों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में हो रहा है. उन्होंने इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया. द ट्रिब्यून के मुताबिक दिलबाग सिंह ने कहा कि हाल में जब्त की गई ड्रग्स का 90 फीसदी हिस्सा पड़ोसी देश से आया था. माना जाता है कि यह तस्करी नियंत्रण रेखा से होती है. इसका बहुत छोटा सा हिस्सा राज्य में खपता है और ज्यादातर पड़ोसी राज्यों में जाता है.