अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रॉबर्ट ओ ब्रायन को अपना नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नामित किया है. वे बीते दो साल में इस पद पर आने वाले चौथे व्यक्ति हैं. रॉबर्ट ओ ब्रायन का चयन ऐसे वक्त पर हुआ है जब तालिबान के साथ अमेरिका की शांति वार्ता रुकने के बाद अफगानिस्तान में अनिश्चितता बढ़ गई है. इन्हीं दिनों सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हुए हमले के बाद ईरान के साथ भी उसका तनाव बढ़ा हुआ है.

डोनाल्ड ट्रंप ने नीतिगत मतभेदों को लेकर एक सप्ताह पहले जॉन बोल्टन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद से हटा दिया था. इस फैसले का ऐलान भी उन्होंने एक ट्वीट के जरिये किया था और नए सलाहकार की घोषणा भी उन्होंने इसी तरह की. उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं हमारे नये राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर रॉबर्ट सी ओ ब्रायन को नियुक्त कर रहा हूं जो इस समय विदेश विभाग में बंधकों के मामलों के लिए राष्ट्रपति के बहुत सफल विशेष दूत हैं.’ डोनाल्ड ट्रंप ने आगे लिखा, ‘मैंने रॉबर्ट के साथ लंबे समय तक और बहुत काम किया है. वे अच्छा काम करेंगे.’

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न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार लंबे समय तक वकील रहे रॉबर्ट ओ ब्रायन ने डोनाल्ड ट्रंप को उत्तर कोरिया तथा तुर्की जैसे देशों द्वारा बंधक बनाये गये अमेरिकियों को वापस लाने के अपने काम से प्रभावित किया है. व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा था कि राष्ट्रपति ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद के लिए पांच लोगों के नाम छांटे हैं. इनमें ओ ब्रायन के अलावा रिक वाडेल, लीसा गॉर्डन-हेगर्टी, फ्रेड फ्लीट्ज और कीथ केलॉग शामिल थे.