कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 18 साल पहले एक स्कूल की पार्टी में चेहरे पर काले रंग का मेकअप करके जाने के लिए माफी मांगी है. इस ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर में उस वक्त 29 साल के रहे जस्टिन ट्रूडो एक पगड़ी पहने दिख रहे हैं. उनके चेहरे, गर्दन और हाथों का रंग स्याह है. इसे नस्ली बताते हुए उनकी आलोचना हो रही है.

टाइम पत्रिका ने कनाडा में आम चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से महज एक हफ्ते पहले यह तस्वीर प्रकाशित की है. पत्रिका ने कहा कि यह तस्वीर एक निजी स्कूल वेस्ट प्वाइंट ग्रे एकेडमी की 2000-2001 वार्षिक पुस्तिका में नजर आई थी. जस्टिन ट्रूडो उस वक्त इस स्कूल में पढ़ाते थे और उन्होंने एक टैलेंट शो में हिस्सा लेने के लिए खुद को रंगा था.

टाइम में छपी इसी तस्वीर पर विवाद हो रहा है

कनाडा के प्रधानमंत्री ने इस बात की पुष्टि की है कि इस फोटो में नजर आ रहे शख्स वही हैं. उनका कहना था कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी नस्लवाद और असहिष्णुता के खिलाफ लड़ने की कोशिश पर काम किया है. जस्टिन ट्रूडो ने कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि मैं जब युवा था तब मैंने गलती की... और काश... मैंने गलती नहीं की होती. काश... मैंने ये बात उस वक्त समझी होती लेकिन मैंने नहीं समझी और मैं इसके लिए बहुत शर्मिंदा हूं.’ उनका आगे कहना था, ‘अब मुझे समझ आता है कि मैंने जो किया, वह नस्ली था. मुझे ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए थी.’

आम चुनाव में जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी को विपक्ष से कड़ी चुनौती मिल रही है. 2015 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली लिबरल पार्टी नैतिकता से जुड़े विवादों के चलते पहले से ही आलोचकों के निशाने पर है.