पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और असम में एनआरसी का मुद्दा उठाया. केंद्रीय गृह मंत्री के नार्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में उनसे मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि असम में कई भारतीयों को एनआरसी से बाहर कर दिया गया है, गृहमंत्री अमित शाह से इसी सिलसिले में मुलाकात हुई है. हालांकि, राजनीतिक जानकार प्रधानमंत्री मोदी के बाद अमित शाह से ममता की मुलाकात को उनके बदले सियासी रूख के तौर पर भी देख रहे हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा, ‘मैं पश्चिम बंगाल में एनआरसी के मुद्दे पर चर्चा करने नहीं आई थी, मैं असम में एनआरसी पर बात करने आई थी.’ ममता बनर्जी ने अमित शाह से इन लोगों के मामलों की छानबीन कराने का अनुरोध किया क्योंकि इनमें काफी संख्या में बांग्ला भाषी और हिंदी भाषी लोग तथा गोरखा और असमी लोग शामिल हैं.

ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री को पश्चिम बंगाल में एक कोयला ब्लॉक का उद्घाटन करने के लिए भी आमंत्रित किया है. कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ पार्टी के तीखे संबंधों को कम करना चाहती हैं. इसलिए इन मुलाकातों को ममता के बदले राजनीतिक व्यवहार के रूप में भी देखा जा रहा है. बंगाल भाजपा का कहना है कि ममता ऐसी कोशिश करके शारदा घोटाले के आरोपियों को बचाने की हताश कोशिश कर रही हैं.