आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत की अवधि तीन अक्टूबर तक बढ़ा दी. सीबीआई ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी. कांग्रेस नेता पांच सितंबर से न्यायिक हिरासत में हैं.

सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की और कहा कि पी चिदंबरम को जिस दिन पहली बार जेल भेजा गया था, तब से परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. पी चिदंबरम की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने के सीबीआई के अनुरोध का विरोध किया. सिब्बल ने कहा कि 73 वर्षीय चिदंबरम को कई बीमारियां हैं और हिरासत में रहते हुए उनका वजन भी कम हुआ है. सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से अदालत से अनुरोध किया कि उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में रहते हुए समय-समय पर मेडिकल जांच तथा पर्याप्त मात्रा में पूरक आहार मुहैया कराए जाए.

पी चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री को उनकी कोठरी के बाहर हॉल में बैठने के लिए कुर्सी मिली थी जिसे ले लिया गया है. उन्होंने कहा, ‘वह केवल बिस्तर पर बैठ सकते हैं. उन्हें तकिया नहीं दिया गया है.’ सिब्बल ने मांग की कि चिदंबरम की एम्स में जांच कराने की अनुमति दी जाए. इस पर अदालत ने कहा, ‘किसी भी कैदी की सेहत की चिंता होनी चाहिए. कानून में जो भी स्वीकार्य हो, जेल अधिकारियों को वह करना चाहिए.’