दिल्ली के चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से विधायक अलका लांबा की सदस्यता रद्द कर दी गई है. गुरूवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने अलका लांबा की सदस्यता रद्द करने का फैसला किया. विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अलका लांबा को दलबदल कानून के आधार पर दिल्ली विधानसभा से अयोग्य घोषित किया गया है. उनकी सदस्यता रद्द होने का फैसला 6 सितंबर से लागू होगा. बीते 6 सितंबर को ही लांबा ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी.

पिछले कई महीनों से अलका लांबा और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच विभिन्न मुद्दों पर टकराव देखने को मिला था. बीते लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद लांबा ने आप की कड़ी आलोचना की थी. उन्होंने पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाबदेही मांगी थी. इसके बाद उन्हें आप विधायकों के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया था.

अगस्त की शुरुआत में लांबा ने कहा था कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है और वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी. लेकिन इसके बाद उन्होंने कांग्रेस में जाने का फैसला किया और 6 सितंबर को कांग्रेस ज्वॉइन कर ली.

आप में शामिल होने से पहले अलका लांबा कई वर्षों तक कांग्रेस से जुड़ी रहीं थीं. वह कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं और इसके टिकट पर उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्य्क्ष पद का चुनाव भी जीता था. वह दिल्ली कांग्रेस कमेटी की जनरल सेक्रटरी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की सचिव भी रह चुकी हैं.