संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है कि अगर पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में कश्मीर मामला उठाकर अपना स्तर ‘नीचे गिराता’ है तो भारत का स्तर और ऊंचा उठेगा. पीटीआई के मुताबिक एक संवाददाता सम्मेलन में उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान कश्मीर मुद्दे के सामने आने की उम्मीद है, और यदि ऐसा है तो भारत इससे कैसे निपटेगा. इस पर सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘यह हर देश पर निर्भर करता है कि वह वैश्विक मंच पर किस रूप में पहुंचना चाहता है. कुछ ऐसे होंगे जो अपना स्तर गिराएंगे. उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया होगी कि हम और ऊंचे उठेंगे. वे नीचे गिरेंगे, लेकिन हमारा स्तर तो ऊपर उठेगा.’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सत्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने की बात कही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी उसी दिन है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि इमरान खान यूएनजीए में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष इस मुद्दे को जबरदस्त ढंग से उठाएंगे.

सैयद अकबरुद्दीन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की खास बातों और प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बहुपक्षीय और द्विपक्षीय व्यस्तताओं और बैठकों के ढेर सारे उदाहरण इस बात को रेखांकित करते हैं कि भारत का कद कितना ऊंचा होगा. सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘वे जो करना चाहते हैं, वह उनकी इच्छा है. हमने उन्हें अतीत में आतंकवाद को मुख्यधारा में लाने की कोशिश करते हुए देखा है. और अब जो आप मुझे बता रहे हैं, वो ये है कि वे नफरत फैलाने वाले भाषण को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं. वे ऐसा करना चाहते हैं तो ये उनकी मर्जी है.’

पांच अगस्त को भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया था जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. पाकिस्तान ने इस फैसले के विरोध में भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया है और भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया है. पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की भी कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने यह बार-बार कहा है कि अनुच्छेद 370 को हटाना उसका आंतरिक मामला है.