समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को डराने की राजनीति का जरिया करार दिया है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में एनआरसी की कार्रवाई की गयी तो सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश छोड़ना पड़ेगा.

कुछ समय पहले ही असम में एनआरसी की आखिरी सूची प्रकाशित हुई है. इसमें 19 लाख लोगों का नाम नहीं है. यानी उन्हें भारत का नागरिक नहीं माना गया है. हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर उत्तर प्रदेश में भी एनआरसी लागू हो सकता है. इस पर अखिलेश यादव ने कहा, ‘यूपी में होगा तो सबसे पहले उन्हें (योगी) ही वापस जाना होगा. वे तो उत्तराखंड के मूल निवासी हैं. हमारे लिये तो आप ये अच्छी खबर बता रहे हैं.’

अखिलेश यादव ने सपा के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खां के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इसे अन्याय करार देते हुए कहा कि जिन लोगों की तहरीर पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, वे नौ साल तक क्यों चुप रहे. अखिलेश यादव का कहना था, ‘अचानक किसका दबाव आया? सरकार ढाई साल से सत्ता में है. पहले ये मुकदमे क्यों नहीं दर्ज हुएय़ चूंकि आजम ने विश्वविद्यालय बना दिया, इसलिये उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है.’