बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा से किसी भी तरह की मनमुटाव की बात को खारिज किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि राजग में किसी तरह की दरार नहीं है और गठबंधन अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करके सत्ता में आएगा. जनता दल (यूनाइटेड) की राज्य परिषद बैठक में नीतीश ने यह बातें कहीं.

नीतीश कुमार ने कहा कि जिन लोगों में राजनीतिक सूझबूझ की कमी है, वह उन पर निजी हमले करके प्रचार पाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘2010 का विधानसभा चुनाव याद करने की कोशिश करें. आशंका जताई गई थी कि हमें बहुमत नहीं मिलेगा लेकिन हम 243 सीटों में से 206 सीट पर जीत गए थे. आश्वस्त रहें कि हमें अगले साल 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी.’ नीतीश ने कहा कि जद (यू) और भाजपा के बीच सब कुछ ठीक है. उन्होंने कहा, ‘ऐसे बहुत लोग हैं जो यह सोचते हैं कि हमारे गठबंधन में घचपच है. ऐसा नहीं है. और जो गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं उनका बुरा हाल होने वाला है.’

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का यह बयान कुछ भाजपा नेताओं द्वारा दिए गए बयानों के बाद आया है. कुछ भाजपा नेताओं का कहना था कि अगले साल होने वाले चुनाव में भाजपा अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश करे. इसके बाद मीडिया में भी इस तरह की खबरें आईं थी कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है.

नीतीश कुमार ने बिना नाम लिए राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा. नीतीश ने कहा, ‘उनके कुछ नेता कहते हैं कि फिर से कुछ तय करें. वहीं दूसरा कहता है कि इसकी जरूरत नहीं है. कौन उनके बारे में सोच रहा है.’ राजद के दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह और शिवानंद तिवारी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद संकेतों में नीतीश कुमार के साथ नए गठबंधन की वकालत की थी. जबकि तेजस्वी यादव ने इस बात से इन्कार किया था.

नीतीश कुमार 2005 से ही जदयू-भाजपा गठबंधन के साथ सत्ता में हैं. 2013 में वे भाजपा से अलग हो गए थे और 2015 का विधानसभा चुनाव उन्होंने राजद के साथ मिलकर लड़ा था. हालांकि 2017 में वह फिर वापस राजग में आ गए.