रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि आरबीआई पूर्ण रूप से स्वायत्त है और उसके निर्णय लेने की प्रक्रिया में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है. हालांकि, आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि सरकार सर्वोच्च है और रिजर्व बैंक भी उसी के शासन का हिस्सा है.

इंडिया टुडे समूह की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सभी देशों में सरकार और मौद्रिक नीति निर्धारित करने वाले प्राधिकरणों के विचारों में भिन्नता होती है और उन्हें विचार-विमर्श से सुलझाया जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार के साथ विचार-विमर्श को बंद नहीं किया जा सकता है क्योंकि सरकार सर्वोच्च शासक है और आरबीआई उस शासन का हिस्सा है. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको पूरे विश्वास के साथ बताना चाहता हूं कि आरबीआई फैसले लेने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है.’

शक्तिकांत दास ने कहा, ‘यह बात ठीक है कि केंद्रीय बैंक किसी के जयकारे लगाने वाला नहीं होना चाहिए. लेकिन जो लोग यह कहते हैं कि आरबीआई को सरकार के लिए जय-जयकार करने वाला नहीं होना चाहिए, उनसे मेरा एक सवाल है, क्या आप यह उम्मीद करते हैं कि आरबीआई अर्थव्यवस्था पर सरकार की खुलेआम आलोचना करे?’ उन्होंने स्पष्ट किया कि कई मुद्दों पर सरकार और आरबीआई के बीच मतभेद होते हैं, लेकिन हम बातचीत करते हैं और यह विचार-विमर्श आंतरिक होता है.