पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आज दिल्ली कूच किया है. पुलिस ने उन्हें दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर रोक लिया है जिसके चलते गाजीपुर सीमा के आस-पास भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है. ये किसान दिल्ली के किसान घाट जाने पर अड़े हैं जहां पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की समाधि है.

इन किसानों की 15 मांगें हैं. वे कह रहे हैं कि उनका कर्ज माफ हो. यह भी कि उनके गन्ना बकाये का 14 दिन के भीतर भुगतान किया जाए, बिजली की दरों में कमी हो और उनके बच्चों को पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा मिले. किसान स्वामीनाथन समिति की सिफारिशें लागू करने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग से हाई कोर्ट की एक पीठ के गठन की भी मांग कर रहे हैं.

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने शुगर मिलों को आदेश दिया है कि वे 31 अक्टूबर तक किसानों के बकाये की सारी रकम अदा करें. प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसा न करने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. इसी बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार को किसानों का गन्ना बकाया अदा करने का आदेश दिया था.