यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर अपने सभी हमले रोकने की घोषणा की है. दोनों देशों में जारी टकराव को समाप्त करने के लिए शुरू की गई शांति पहल के तहत यह कदम उठाया गया है. पीटीआई के मुताबिक हूती विद्रोहियों की शीर्ष राजनीतिक परिषद के प्रमुख मेहदी-अल-मश्त ने शुक्रवार रात अपने बयान में सऊदी अरब पर सारे हमले रोकने की घोषणा की. विद्रोहियों के टीवी चैनल ‘अल-मसरिहा’ के अनुसार परिषद ने उम्मीद जताई कि इस कदम का जवाब सऊदी अरब भी सकारात्मक रूप से देगा.

हूती विद्रोहियों ने यह घोषणा सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के तेल संयंत्रों पर पिछले सप्ताह किए ड्रोन हमलों के बाद की है. हालांकि अमेरिका ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. हूती विद्रोही हाल के समय में कई बार सऊदी अरब को निशाना बना चुके हैं. इसी जुलाई में उन्होंने सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हमला किया था. इस हमले में एक भारतीय सहित नौ लोग घायल हुए थे. दो महीने के अंदर सऊदी अरब के हवाई अड्डे पर किया गया यह तीसरा हमला था. इससे पहले मई में सऊदी अरब के शहर नजरान में स्थित हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया था. इसके बाद 12 जून को सऊदी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित एक हवाई अड्डे पर एक मिसाइल दागी गयी थी. इस हमले में विभिन्न देशों के 26 नागरिक घायल हुए थे.

हूती विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना सहित देश के एक बड़े हिस्सों पर अपना कब्जा जमा रखा है. यहां सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना यमन के राष्ट्रपति अबेदरब्बो मंसूर हादी की तरफ से विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रही है. यह लड़ाई मार्च 2015 में शुरू हुई थी. यमन की लड़ाई में सऊदी अरब के शामिल होने के बाद से यहां हजारों लोग मारे गए हैं, जबकि लाखों लोगों को बेघर होना पड़ा है.