मीरवाइज उमर फारूख की अगुवाई वाली हुर्रियत कांफ्रेंस ने उन मीडिया रिपोर्टों को आधारहीन बताया है, जिनमें कहा गया है कि कश्मीरी नेता मीरवाइज ने अपनी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए एक बॉन्ड पर दस्तखत किया है. हुर्रियत कांफ्रेंस यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया है कि कश्मीरी नेता मीरवाइज उमर फारूख ने अपनी रिहाई के लिए एक बॉन्ड पर दस्तखत किए हैं.

हुर्रियत कांफ्रेंस ने एक बयान में कहा, ‘सूत्रों के हवाले से कुछ समाचार पत्रों में खबर छपी है कि हुर्रियत अध्यक्ष को एक बॉन्ड पर दस्तखत करने के बाद रिहा कर दिया गया है. यह बात पूरी तरह से गलत और आधारहीन है. बयान में यह भी कहा गया है कि मीरवाइज पांच अगस्त से लगातार अपने घर में नजरबंद हैं और लोगों तथा संचार माध्यमों तक उनकी पहुंच ‘बहुत सीमित’ है. हुर्रियत ने अपने बयान में कहा, ‘संगठन जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अपने सैद्धान्तिक रूख पर अडिग है और इन अप्रत्याशित हालत में लोगों के साथ खड़ा है.’

दरअसल यह चर्चा उन खबरों के बाद शुरु हुई थी जिनमें आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कुछ दावेे किए गए थे. इनके मुताबिक, मीरवाइज उमर फारूख उन सात लोगों में शामिल हैं, जिन्हें अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद हिरासत में लिया गया है और जिन्होंने अपनी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए बॉन्ड पर दस्तखत किए है.