कर्नाटक में पहली बार 1983 में गैर-कांग्रेसी सरकार बनी थी. रामकृष्ण हेगड़े जनता पार्टी की इस सरकार के मुख्यमंत्री थे और एसआर बोम्मई उद्योग मंत्री. जनता पार्टी सरकार को तब वामपंथियों सहित भाजपा और अन्य छोटे दलों का समर्थन प्राप्त था. इस सरकार ने राज्य में पहला और बड़ा काम पंचायती राज मजबूत करने का किया. इसके चलते यह काफी लोकप्रिय हो गई, लेकिन समय के साथ-साथ सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे. हेगड़े के एक बेटे पर भी ऐसे आरोप लगे.

इन स्थितियों में आखिरकार मुख्यमंत्री ने 1988 में इस्तीफा दे दिया और इसके बाद बोम्मई राज्य के नए मुख्यमंत्री बने. लेकिन इसी समय पार्टी के एक विधायक ने राज्यपाल पी वैंकटसुबैया को सरकार से समर्थन वापसी का पत्र सौंप दिया. इसके साथ उन्होंने 19 और विधायकों के समर्थन वापसी वाले पत्र राज्यपाल को दिए. लेकिन अगले दिन ही इनमें से सात विधायकों ने कहा कि राज्यपाल को दिए पत्रों में उनके फर्जी हस्ताक्षर हैं और वे सरकार का समर्थन करते हैं.

ऐसे में बोम्मई ने राज्यपाल से एक हफ्ते के भीतर विधानसभा का सत्र आहूत करने और बहुमत साबित करने की अनुमति मांगी. लेकिन राज्यपाल ने सरकार का अनुरोध ठुकरा दिया. उन्होंने केंद्र की कांग्रेस सरकार से राज्य सरकार को बर्खास्त करने की सिफारिश कर दी. 21 अप्रैल, 1989 को संविधान के अनुच्छे 356 के अंतर्गत बोम्मई सरकार बर्खास्त कर कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया.

चूंकि इस मामले में एक निर्वाचित सरकार को बहुमत साबित करने का मौका दिए बिना बर्खास्त कर दिया गया था इसलिए कांग्रेस विरोधी तमाम दलों ने इस पर भारी विरोध जताया. बोम्मई इस मामले को कर्नाटक उच्च न्यायालय में ले गए, लेकिन न्यायालय ने राज्यपाल की भूमिका को सही ठहरा दिया.

इसके बाद यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में गया. एसआर बोम्मई बनाम भारत सरकार नाम से मशहूर हुए मामले में 1994 में एक ऐसा फैसला आया जो अनुच्छेद 356 के संदर्भ में मील का पत्थर बन गया. न्यायालय ने माना कि बोम्मई सरकार की बर्खास्तगी अनुचित थी और उन्हें बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए था. इसी फैसले में न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रपति शासन के लिए संसद के दोनों सदनों की सहमति होने के बाद भी न्यायालय में इसकी समीक्षा हो सकती है. इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की बर्खास्तगी के लिए अनुच्छेद 356 लागू करने में केंद्र सरकार की मनमानी शक्ति को सीमित करने के लिए कई शर्तें जोड़ दीं.