केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को अस्तित्व में लाने का आरोप लगाया है. रविवार को मुंबई में उन्होंने कहा कि अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती तो पीओके आज अस्तित्व में ही नहीं आता. पीटीआई के मुताबिक अमित शाह ने कश्मीर का भारत में एकीकरण नहीं करने को लेकर नेहरू पर हमला करते हुए यह भी कहा कि इस मुद्दे को पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को अपने हाथों में लेना चाहिए था.

महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर एक रैली को सम्बोधित करते हुए अमित शाह ने ये बातें कही. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस अनुच्छेद-370 की समाप्ति के पीछे राजनीति देखती है जबकि भाजपा इस तरह से नहीं सोचती है. अनुच्छेद-370 समाप्त करने के बाद कश्मीर में एक भी गोली नहीं चलाई गई है. वहां कोई अशांति नहीं है और आने वाले दिनों में आतंकवाद भी समाप्त हो जाएगा.’

गृह मंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘कश्मीर में जिन तीन वंशों ने शासन किया, उन्होंने वहां भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो भी स्थापित नहीं करने दिया. कश्मीर में जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. अब उन्हें ठंड में भी पसीने छूट रहे हैं.’

अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार से सवाल करते हुए कहा कि इन नेताओं को यह बताना चाहिए कि वह अनुच्छेद-370 की समाप्ति के पक्ष में हैं या इसका विरोध करते हैं.

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस दोबारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे. राज्य में एक चरण में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा और परिणाम की घोषणा 24 अक्टूबर को होगी.