ब्रिटेन की मशहूर ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक दिवालिया हो गई है. कंपनी ने आज यह ऐलान किया. 178 साल पुरानी थॉमस कुक खुद को बचाने के लिए कुछ निजी निवेशकों से 25 करोड़ डॉलर के निवेश की बातचीत कर रही थी जो असफल हो गई. इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने कहा कि दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के अलावा कोई चारा नहीं है. थॉमस कुक के मुखिया पीटर फैंकहाउसर ने इसे एक बहुत दुखद दिन बताया है.

इसका मतलब यह है कि वे छह लाख ब्रिटिश नागरिक अधर में लटक गए हैं जो थॉमस कुक के जरिये दुनिया के अलग-अलग देशों में घूमने गए हैं. इनमें से ऐसे लोगों की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख बताई जा रही है जिन्हें वापस लौटने के सरकार की मदद चाहिए होगी. इस लिहाज से देखें तो ब्रिटेन में दूसरे विश्व युद्ध के बाद से नागरिकों को स्वदेश वापस लाने का यह इस तरह का सबसे बड़ा अभियान होगा.

सरकार के मुताबिक उसने इसके लिए विशेष विमानों की व्यवस्था की है. ब्रिटेन के परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने कहा, ‘थॉमस कुक के ढहने और इसकी सभी फ्लाइट्स के कैंसल होने के बाद हमने दर्जनों चार्टर्ड प्लेन किराए पर लिए हैं. ये विमान ब्रिटिश नागरिकों से बिना कोई पैसा लिए उन्हें स्वदेश लाएंगे.’

लेकिन तब तक यात्रियों को परेशानियां होना तय है. ट्यूनीशिया से खबर आई है कि थॉमस कुक के जरिये वहां गए और एक होटल में ठहरे यात्रियों से प्रबंधन ने अतिरिक्त पैसे मांगे हैं. इन यात्रियों के मुताबिक उनसे कहा गया है कि पैसे मिलने तक उन्हें जाने नहीं दिया जाएगा. इस तरह की खबरें दूसरे देशों से भी आ रही हैं.

थॉमस कुक के दिवालिया होने का एक मतलब बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार जाना भी है. बताया जा रहा है कि यह संख्या पूरी दुनिया में 22 हजार तक हो सकती है. करीब नौ हजार नौकरियां अकेले ब्रिटेन में जाएंगी.