संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पुरानी टीस फिर उभर आई. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि यह अन्याय है कि उन्हें कभी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला. डोनाल्ड ट्रंप ने शिकायत भरे लहजे में कहा, ‘मुझे कई चीजों के लिए नोबेल पुरस्कार मिलता अगर वे इसे निष्पक्ष तरीके से देते. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.’

डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ द्विपक्षीय बैठक में कही. अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा को साल 2009 में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए जाने पर हैरानी भी जतायी. ओबामा को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने ओबामा के राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद उन्हें पुरस्कार दे दिया और उन्हें पता तक नहीं था कि उन्हें यह क्यों मिला. आप जानते हैं? मैं बस इस बात पर उनसे सहमत हूं.’

अपने आप को ‘बहुत अच्छा पंच’ बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि वे कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं लेकिन दोनों पक्षों को इस पर सहमत होना होगा. उधर, इमरान खान ने कहा, ‘दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश की जिम्मेदारी है.’ उनका यह भी कहना था, ‘कश्मीर में संकट बहुत बड़ा होने जा रहा है.’ वहीं, भारत का रुख साफ है कि कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय है और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है.