यौन शोषण के आरोपों से जूझ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद की जमानत की अर्जी नामंजूर हो गई है. उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने भाजपा नेता की जमानत याचिका को यह कहते हुए नामंजूर कर दिया कि यह अर्जी सत्र अदालत में लगाई जानी चाहिए. चिन्मयानंद को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं. हालांकि सोमवार को चिन्मयानंद को तबीयत बिगड़ने के बाद लखनऊ के एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया है. उधर, एनडीटीवी ने खबर दी है कि पुलिस पीड़ित छात्रा से भी पूछताछ कर सकती है. चिन्मयानंद का आरोप है कि छात्रा उन्हें पैसे के लिए ब्लैकमेल कर रही थी

कानून की पढ़ाई कर रही इस छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था. उसका यह भी दावा था कि उसे और उसके परिवार को जान का खतरा है. इसके बाद वह लापता हो गई थी. इस मामले में चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था. बाद में राजस्थान में बरामद की गई छात्रा ने चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप भी लगाया था. उसका यह भी कहना था कि प्रशासन उस पर दबाव बना रहा है और पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल कर रही है. हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है.