अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है. पीटीआई के मुताबिक अमेरिका के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया. उनका यह भी कहना था कि अमेरिका में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

अभी तक अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के ज़रिए नहीं हटाया गया है. आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर ज़ेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वे ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के दावों की जांच शुरू करें. डोनाल्ड ट्रंप ने इससे इनकार किया है. हालांकि उन्होंने यह माना है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी के बारे में यूक्रेन के राष्ट्रपति से चर्चा की थी.

नैन्सी पेलोसी ने कहा, ‘ट्रंप के कार्यकाल की कार्रवाइयां राष्ट्रपति पद की शपथ के प्रति बेईमानी, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन और हमारे चुनाव की अखंडता के साथ विश्वासघात को दर्शाती हैं.’ उनका आगे कहना था, ‘इसलिए आज मैं घोषणा करती हूं कि ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर रहा है.’

जानकारों के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव से 14 महीने पहले डेमोक्रेट्स के इस कदम ने अमेरिकी राजनीति में एक और खतरनाक अध्याय की शुरुआत कर दी है. माना जा रहा है कि पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडन 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को टक्कर दे सकते हैं. चर्चा है कि निचले सदन में 145 से 235 डेमोक्रेट्स महाभियोग के समर्थन में हैं. हालांकि महाभियोग की प्रक्रिया यहां पूरी हो भी जाती है तो इसका रिपब्लिकन के बहुमत वाले सीनेट से पास होना मुश्किल है बशर्ते कोई बड़ी बगावत न हो.

इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि विपक्ष उनके पीछे हाथ-धोकर पड़ा है. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि विपक्षी डेमोक्रेट्स के इस कदम से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उनके दोबारा चुने जाने की संभावना मजबूत ही होगी.