सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने कहा है कि दादा साहेब फाल्के सम्मान के लिये चुने जाने पर आभार व्यक्त करने के लिये उनके पास शब्द नहीं हैं. सिनेमा में 50 साल पूरे कर चुके 76 वर्षीय इस अभिनेता ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की. अमिताभ बच्चन ने ट्वीट किया, ‘आभार जताने के लिये शब्द कम पड़ रहे हैं... कृतज्ञ हूं मैं, परिपूर्ण, आभार और धन्यवाद... मैं केवल एक विनयपूर्ण, विनम्र अमिताभ बच्चन हूं. बहुत... बहुत आभार’

मंगलवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अमिताभ बच्चन को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए वर्ष 2018 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार देने की मंगलवार को घोषणा की थी. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘दो पीढ़ियों का मनोरंजन तथा उन्हें प्रेरित करने वाले कलाकार अमिताभ बच्चन को सर्वसम्मति से दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. पूरा देश एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रसन्न है. उन्हें मेरी ओर से हार्दिक बधाई.’

76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने 1970 के दशक में जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी के गुस्से को अभिव्यक्ति दी थी. इसके बाद उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘एंग्री यंग मैन’ कहा जाने लगा था. 1970 के दशक से शुरू हुआ अमिताभ का स्टारडम भारतीय सिनेमा में अब तक जारी है. अपने पांच दशक के करियर में अमिताभ ने कई यादगार फिल्में दीं और उन्हें चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का करिश्मा बिखेरने वाले अमिताभ बच्चन ने छोटे पर्दे यानी टीवी पर भी खासी सफलता हासिल की है.

दादा साहेब फाल्के सम्मान कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है. अमिताभ बच्चन से पहले ये सम्मान विनोद खन्ना, मनोज कुमार, शशि कपूर, गुलजार और प्राण सहित कई नामी कलाकारों को दिया जा चुका है. साल 1969 में सबसे पहले यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था.