एनसीपी प्रमुख शरद पवार के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद भड़के पार्टी कार्यकताओं ने आज मुंबई में ईडी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की. पुलिस ने बल प्रयोग करके उन्‍हें हटाया. इससे पहले शरद पवार ने कहा था कि उन्हें जेल भेजे जाने की तैयारी की जा रही है. उनका कहना था, ‘मुझे कोई समस्या नहीं होगी अगर मुझे जेल जाना पड़ता है. इससे मुझे खुशी होगी क्योंकि मेरा पहले कभी जेल जाने का अनुभव नहीं रहा है. अगर कोई मुझे जेल भिजवाने की तैयारी कर रहा है तो मैं इसका स्वागत करता हूं.’ यह मामला ऐसे समय दर्ज किया गया है, जब महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. एनसीपी ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया है.

ईडी ने महाराष्ट्र सहकारी बैंक (एमएससीबी) घोटाले में शरद पवार के साथ उनके भतीजे और पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और कई अन्य के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि एमएससीबी घोटाला करीब 25 हजार करोड़ रु का है. बताया जाता है कि राज्य सहकारी बैंक से शक्कर कारखानों और कपड़ा मिलों को बेहिसाब कर्ज बांटे गए. इसके अलावा कर्ज वसूली के लिए जब कर्जदारों की संपत्ति बेची गई तो इस प्रक्रिया में भी जानबूझकर बैंक को नुकसान पहुंचाया गया.

जांच एजेंसी ने यह मामला मुंबई पुलिस की एक एफआईआर के आधार पर दर्ज किया है जिसमें बैंक के पूर्व अध्यक्ष, महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और सहकारी बैंक के 70 पूर्व पदाधिकारियों के नाम हैं. साल 2007 से 2011 के बीच हुए इस घोटाले में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के बैंक अधिकारियों को भी आरोपित बनाया गया है.