भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पंजाब और महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक (पीएमसी) को अपनी निगरानी में लेते हुए इस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. उसने आदेश दिया है कि पीएमसी के खाताधारक अगले छह महीनों में अपने अकाउंट से अधिकतम एक हजार रुपए ही निकाल सकेंगे. इसके चलते ऐसे कई लोग परेशान हैं जिनकी गाढ़ी कमाई इस बैंक में जमा है.

उधर, इस सबके बीच सोशल मीडिया पर एक और मैसेज दौड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए इस संदेश में कहा जा रहा है कि आरबीआई जल्द ही नौ बैंकों को बंद वाला है. ये बैंक हैं - कॉर्पोरेशन बैंक, यूको बैंक, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आंध्रा बैंक, इंडियन ओवरसीज़ बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया, देना बैंक और यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया शामिल हैं. इस वायरल मैसेज में लिखा है, ‘जिन लोगों के इन बैंकों में खाते हैं, वो जल्द से जल्द अपना पैसा निकाल लें और अन्य लोगों को सूचित करें.’

लेकिन यह मैसेज अफवाह है. खुद आरबीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह बात कही है. केंद्रीय बैंक ने अपने ट्वीट में कहा कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही कमर्शियल बैंकों को बंद किये जाने की बात झूठी है.

भारत सरकार के वित्त सचिव राजीव कुमार ने भी इस संबंध में एक ट्वीट किया है.

हाल में सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार से दिशा-निर्देश बनाने को कहा है. अदालत का कहना है कि हालात बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं और अब सरकार को स्थिति में दखल देना ही होगा. उसने जवाब के लिए सरकार को तीन हफ्ते का वक्त दिया है.