चुनाव आयोग ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि वह कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों के लिए होने जा रहे उप चुनाव टाल देगा. चुनाव आयोग ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए गए कई विधायकों का केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए यह फैसला किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एनवी रमणा, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि कर्नाटक में विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए गए 17 विधायकों के मामले में सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है और अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाना चाहेगी. इस पर चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा, ‘फिर मैं निर्वाचन आयोग से कर्नाटक में 15 सीटों के लिये उपचुनाव कुछ समय के लिये स्थगित करने के लिये कहूंगा.’

दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित किये गये विधायकों, कांग्रेस नेता सिद्धरमैया और अन्य प्रतिवादियों के वकीलों ने कहा कि यदि उप चुनाव स्थगित किये जाते हैं तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को करेगा. माना जा रहा है कि अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही कर्नाटक में उप चुनाव होंगे.