गोरखपुर मेडिकल कॉलेज कांड में आरोपित डॉक्टर कफील खान को राहत, जांच में क्लीन चिट मिली

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में आरोपित डॉक्टर कफील अहमद खान को क्लीन चिट दे दी गई है. जांच में उनके खिलाफ ऐसा कोई भी सबूत नहीं पाया गया जो इलाज में लापरवाही को साबित करता हो. उधर, हाल में एक आरटीआई आवेदन के जवाब में सरकार ने भी माना है कि 11 और 12 अगस्त 2017 को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 54 घंटे तक लिक्विड ऑक्सीजन की कमी थी. डॉक्टर कफील खान ने इसे अपनी जीत बताते हुए सरकार से मांग की है कि उन्हें नौकरी पर बहाल किया जाए. दो साल पहले गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में करीब 60 बच्चों की मौत हुई थी. इसका मुख्य कारण ऑक्सीजन की कमी को माना गया था. हालांकि सरकार ने इस आरोप को गलत बताया था. डॉक्टर कफील खान पर इलाज में लापरवाही का आऱोप लगा था. वे कई महीने तक जेल में भी रहे थे.

मुंबई पुलिस कमिश्नर के अनुरोध के बाद शरद पवार ने ईडी के दफ्तर जाने का फैसला टाला

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आज मुंबई स्थित प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के दफ्तर जाने की योजना टाल दी. महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में नाम आने के बाद शरद पवार ने कहा था कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे. इसी सिलसिले में उन्होंने खुद ही ईडी कार्यालय जाने की घोषणा की थी. लेकिन जांच एजेंसी ने एक मेल भेजकर उनसे कहा कि उनको जरूरत पड़ने पर बुलाया जाएगा. हालांकि ईडी के मेल के बावजूद शरद पवार उसके दफ्तर जाने की जिद पर अड़े थे. ये देखते हुए जांच एजेंसी के दफ्तर के आसपास धारा 144 लगा दी गई. इसके बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय बार्वे ने शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की. पुलिस कमिश्नर ने उनसे कानून-व्यवस्था का हवाला देकर ईडी के दफ्तर न जाने का अनुरोध किया. इसके बाद एनसीपी मुखिया ने अपना विचार बदल दिया.

इस मामले पर समर्थन करने के लिए शरद पवार ने शिवसेना और कांगेस का शुक्रिया अदा किया है. इस दौरान उन्होंने केंद्र में सत्ताधारी भाजपा पर भी निशाना साधा. शरद पवार के मुताबिक उन्हें विपक्ष की छवि खराब करने के लिए निशाना बनाया गया है. एनसीपी मुखिया पर ये मामला ऐसे समय दर्ज किया गया है, जब महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं.

अकाली दल ने हरियाणा में भाजपा से गठबंधन तोड़ा, अपने एकमात्र विधायक के भाजपा में शामिल होने को धोखा बताया

शिरोमणि अकाली दल ने हरियाणा विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने फैसला किया है. उसने ऐसा तब किया जब राज्य में पार्टी का एकमात्र विधायक भाजपा में शामिल हो गया. अकाली दल ने इसे धोखा बताया है. उसने कहा कि ये तब हुआ जब दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी. पार्टी ने कहा कि इस अनैतिक कदम का विरोध करने के लिए उसने राज्य में भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने का फैसला किया है. इस मुद्दे पर पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली दल की कोर कमेटी की एक बैठक भी हुई. इसके बाद जारी बयान में अकाली दल कहा कि उसे इतने पुराने सहयोगी से ऐसी उम्मीद नहीं थी. हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं.

मोहम्मद बिन सलमान ने जमाल खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी ली

सऊदी अरब के शहजादे यानी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने चर्चित पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी ली है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने जल्द प्रसारित होने जा रही एक डॉक्यूमेंट्री में यह बात कही है. मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि वे पिछले साल सऊदी अरब के एजेंटों द्वारा की गई इस हत्या की ज़िम्मेदारी लेते हैं क्योंकि इसे उनके रहते ही अंजाम दिया गया. जमाल खशोगी सऊदी अरब के शाही परिवार के मुखर आलोचक थे और निर्वासन में अमेरिका में रह रहे थे. पिछले साल अक्टूबर में वे तुर्की स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में गए थे और फिर लापता हो गए थे. इसके बाद तुर्की ने कहा था कि उनकी हत्या हो गई है. इस घटना की दुनिया भर में चर्चा हुई थी और इसके लिए सऊदी सरकार की कड़ी आलोचना भी हुई थी.

पाकिस्तान का अमेरिका को झटका, कहा - कश्मीर पर चिंता जताने वाले इमरान खान चीन के उइगर मुसलमानों की बात क्यों नहीं करते

अमेरिका ने पाकिस्तान को झटका दिया है. उसने पूछा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान उन एक लाख उइगर मुसलमानों की बात क्यों नहीं करते जो चीन में हिरासत में रह रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशिया के मामलों की शीर्ष अधिकारी एलिस वेल्स ने यह बात कही. उनके मुताबिक वे उन मुसलमानों के लिए भी उतनी ही चिंता देखना चाहूंगी जो पश्चिमी चीन में हिरासत में रह रहे हैं और जिनके लिए हालात किसी यातना शिविर जैसे हैं. बीते महीने भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान इसका विरोध कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान कई बार कह चुके हैं कि कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति बहुत खराब है.