संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को आज सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया से आतंकवाद के खिलाफ एक होने का आह्वान किया. इसके अलावा शांति का संदेश देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध दिया है. उनका यह भी कहना था कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के शांति अभियानों में में सबसे बड़ा बलिदान अगर किसी देश ने दिया है, तो वह देश भारत है. इसके अलावा सेना के एक हेलीकॉप्टर के भूटान में गिरने की खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई.

15 और वरिष्ठ अधिकारियों की जबरन छुट्टी

ईमानदार करदाताओं को परेशान करने के आरोपित टैक्स अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखते हुए मोदी सरकार ने आयकर विभाग के 15 और वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन रिटायर कर दिया. दैनिक जागरण के मुताबिक जिन अफसरों की छुट्टी की गई है वे प्रिंसिपल कमिश्नर, कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के हैं. इनमें से कई पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं जबकि कुछ को सीबीआई ने जाल बिछाकर पकड़ा है. इस साल जून के बाद यह चौथा मौका है जब सरकार ने भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से निकाला है. कुल मिलाकर बीते चार माह में भ्रष्टाचार के आरोपित 64 टैक्स अधिकारियों की छुट्टी हुई है.

आईआईटी में एमटेक की फीस में 900 फीसदी बढ़ोतरी

आईआईटी से एमटेक करना महंगा हो गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक संस्थान ने इस कोर्स की फीस में करीब 900 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है. इसे बीटेक के स्तर की फीस के बराबर लाया गया है जो दो लाख रु सालाना है. यह फैसला आईआईटी काउंसिल की एक बैठक में हुआ जिसकी अध्यक्षता मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने की. अभी आईआईटी में एमटेक के लिए एडमिशन और ट्यूशन फीस सालाना पांच से 10 हजार रु तक है. इसी बैठक में यह भी फैसला हुआ कि नए शिक्षकों के प्रदर्शन की पांच साल बाद समीक्षा होगी और इसके आधार पर फैसला किया जाएगा कि उसे आगे बढ़ाया जाए या फिर बाहर कर दिया जाए.

अयोध्या मामले में एएसआई के निष्कर्ष मानेंगे : सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या के राम जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की है. हिंदुस्तान के मुताबिक इन दिनों रोजाना इस मामले की सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा है कि इस मामले में वह भारतीय पुरातत्व सर्वे (एएसआई) की रिपोर्ट के निष्कर्षों को मानेगी. यह बात उसने तब कही जब मुस्लिम पक्षकारों की अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने इस रिपोर्ट को एक राय भर बताया. अदालत ने कहा कि ऐसा नहीं माना जा सकता क्योंकि एएसआई के लोग विशेषज्ञ हैं. विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि संबंधित स्थल पर मिला ढांचा मोटे तौर पर किसी उत्तर भारतीय मंदिर जैसा था.