एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विधायक पद से इस्तीफे की वजह से अनभिज्ञता जताई है. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने परिवार के अंदर किसी विवाद से इनकार भी किया है. शरद पवार का हालांकि यह भी कहना था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्डरिंग मामले में उनका नाम लिए जाने पर अजित पवार बेचैन थे. शरद पवार ने कहा, ‘जब मैं अजित से मिलूंगा तो उनसे इस निर्णय का कारण पूछूंगा.’

शरद पवार ने यह भी कहा कि वे एक योद्धा हैं और महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले के सिलसिले में उनके खिलाफ दायर मामला लड़ेंगे. उनका कहना था, ‘उन्होंने (अजित पवार) हममें से किसी के साथ भी इस्तीफे के मुद्दे पर चर्चा नहीं की. मेरे पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया...उस समय से उनसे संपर्क नहीं हो सका है.’ शरद पवार ने आगे कहा, ‘‘मैंने उनके बेटे से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि उनके पिता बेचैन थे क्योंकि उन्हें लगता था कि उनकी वजह से उनके चाचा (शरद पवार) का नाम बैंक घोटाले में घसीटा गया जबकि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है.’ ईडी ने बैंक घोटाले के संबंध में शरद पवार, अजित पवार और 70 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.