संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के दौरान चीन के विदेशमंत्री वांग यि द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का उल्लेख करने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शनिवार को कहा, ‘चीन को अच्छी तरह से भारत के रुख की जानकारी है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और हाल में क्षेत्र को लेकर घटित घटनाक्रम पूरी तरह से देश का आंतरिक मामला है.’ उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अन्य देश भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के जरिये गैर कानूनी तरीके से यथास्थिति को बदलने की कोशिशों से परहेज करेंगे.’

संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए चीन ने महासभा में कहा था कि विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों एवं द्विपक्षीय समझौते के अनुरूप शांतिपूर्ण एवं समुचित तरीके से किया जाना चाहिए. पाकिस्तान के करीबी चीन ने जोर देकर कहा था कि ‘यथास्थिति’ में बदलाव के लिए कोई एकतरफा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए. पिछले महीने भारत ने जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को समाप्त करते हुए राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में बांटने का फैसला किया था.