1-पुरातत्व की बात हो तो अक्सर हड़प्पा या मोहनजोदड़ो जैसे मैदानी इलाके याद आते हैं. पर कम ही लोग जानते होंगे कि बर्फ से ढके पहाड़ों में भी प्रागैतिहासिक चीजें मिलती हैं. मैट स्टिर्न अल्पाइन पुरातत्वविद हैं जो पिछले डेढ़ दशक से पहाड़ों के बर्फीले परिवेश में आबाद संस्कृतियों का अध्ययन कर रहे हैं. बीबीसी पर उनका यह लेख.

बर्फ़ के नीचे जमे पुरातात्विक अवशेषों को बचाना क्यों ज़रूरी है?

2-देश में शिक्षित लोगों के बीच बेरोजगारी बड़ा विकराल रूप धारण करती जा रही है. उच्च शिक्षा प्राप्त नौजवानों में बेरोजगारी दर दुनिया की औसत बेरोजगारी दर से बहुत ज्यादा है. उधर, महिलाओंं में बेरोजगारी पुरुषों की तुलना में लगभग तिगुनी है. द प्रिंट हिंदी पर छपे लेख में योगेंद्र यादव बता रहे हैं कि बेरोजगारी थामने के उपाय नहीं हुये तो हालात विस्फोटक हो सकते हैं.

शिक्षित बेरोजगार की बढ़ती तादाद की फिक्र कीजिए सरकार!

3- मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में एनसीपी मुखिया शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार का नाम आने के बाद से विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े महाराष्ट्र की राजनीति में और भी सरगर्मी आ गई है. शरद पवार भाजपा पर निशाना साधते हुए ईडी द्वारा दर्ज मामले को विपक्ष की छवि खराब करने की कोशिश बता रहे हैं. इस पूरे मुद्दे को लेकर एनडीडीवी खबर पर स्वाति चतुर्वेदी का लेख.

शरद पवार ने लगभग बीजेपी को मात दे दी, लेकिन तभी...

4- महात्मा गांधी के जन्म के 150 साल पूरे होने जा रहे हैं. मौजूदा दौर में गांधी की प्रासंगिकता अकसर सवालों से जूझती है. डायचे वेले हिंदी पर छपा यह लेख बताता है कि कैसे पश्चिमी अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान में एक महिला बीते 30 साल से गांधी के रास्ते पर चलकर अपने देश की आजादी की जंग लड़ रही है.

सहारा के तपते रेगिस्तान में गांधी की अहिंसा बनी हथियार

5- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभी-अभी निपटा करीब हफ्ते भर का दौरा खूब चर्चा में रहा. इसी दौरे के बीच ही अमेरिकी कंपनी टेल्युरियन इंक और भारतीय कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी के बीच 53 हजार करोड़ रुपये के सौदे भी खबर आई. इस सौदे पर गंभीर सवाल उठाता न्यूजलॉन्ड्री हिंदी पर सूर्यकांत सिंह का लेख.

7.5 अरब डॉलर के टेल्युरियन-एनएलजी सौदे में ठगी के संकेत