अमेरिका में नरेंद्र मोदी की ऊर्जा कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक, निवेश बढ़ाने पर चर्चा | रविवार, 22 सितंबर 2019

अमेरिका की एक सप्ताह की यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के तेल और गैस क्षेत्र की कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक की. हयूस्टन में हुई इस बैठक में भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अवसरों के दोहन पर चर्चा हुई.

पीटीआई के मुताबिक यह गोलमेज बैठक ऊर्जा सुरक्षा के लिए साथ मिलकर काम करने और भारत-अमेरिका के बीच साझा निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर केन्द्रित थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि बैठक में 17 वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हुए. इन कंपनियों की उपस्थिति 150 देशों में है और इनका सामूहिक नेटवर्थ 1,000 अरब डॉलर है. उन्होंने बताया कि से सभी कंपनियों किसी न किसी रूप में भारत से जुड़ी हैं. बैठक में इन्होंने भारत में अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के बारे में बात की और क्षेत्र में नियमनों में ढील के कदमों का स्वागत किया.

थॉमस कुक दिवालिया, अब क्या-क्या होगा? | सोमवार, 23 सितंबर 2019

ब्रिटेन की मशहूर ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक दिवालिया हो गई. कंपनी ने आज यह ऐलान किया. 178 साल पुरानी थॉमस कुक खुद को बचाने के लिए कुछ निजी निवेशकों से 25 करोड़ डॉलर के निवेश की बातचीत कर रही थी जो असफल हो गई. इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने कहा कि दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के अलावा कोई चारा नहीं है. थॉमस कुक के मुखिया पीटर फैंकहाउसर ने इसे एक बहुत दुखद दिन बताया.

इसका मतलब यह है कि वे छह लाख ब्रिटिश नागरिक अधर में लटक गए हैं जो थॉमस कुक के जरिये दुनिया के अलग-अलग देशों में घूमने गए हैं. इनमें से ऐसे लोगों की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख बताई जा रही है जिन्हें वापस लौटने के सरकार की मदद चाहिए होगी. इस लिहाज से देखें तो ब्रिटेन में दूसरे विश्व युद्ध के बाद से नागरिकों को स्वदेश वापस लाने का यह इस तरह का सबसे बड़ा अभियान होगा.

अगर निष्पक्ष तरीके से दिया जाता तो मुझे कई चीजों के लिए नोबेल मिलता : डोनाल्ड ट्रंप | मंगलवार, 24 सितंबर 2019

संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पुरानी टीस फिर उभर आई. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि यह अन्याय है कि उन्हें कभी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला. डोनाल्ड ट्रंप ने शिकायत भरे लहजे में कहा, ‘मुझे कई चीजों के लिए नोबेल पुरस्कार मिलता अगर वे इसे निष्पक्ष तरीके से देते. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.’

डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ द्विपक्षीय बैठक में कही. अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा को साल 2009 में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए जाने पर हैरानी भी जतायी. ओबामा को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने ओबामा के राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद उन्हें पुरस्कार दे दिया और उन्हें पता तक नहीं था कि उन्हें यह क्यों मिला. आप जानते हैं? मैं बस इस बात पर उनसे सहमत हूं.’

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू | बुधवार, 25 सितंबर 2019

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई. पीटीआई के मुताबिक अमेरिका के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने इसका ऐलान किया. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया. उनका यह भी कहना था कि अमेरिका में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है.

अभी तक अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के ज़रिए नहीं हटाया गया है. आरोप है कि डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदीमीर ज़ेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वे ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के दावों की जांच शुरू करें. डोनाल्ड ट्रंप ने इससे इनकार किया है. हालांकि उन्होंने यह माना है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी के बारे में यूक्रेन के राष्ट्रपति से चर्चा की थी.

ब्रिटेन की विपक्षी पार्टी ने कश्मीर पर अंतरराष्ट्रीय दखल की मांग की, भारत ने विरोध जताया | गुरुवार, 26 सितंबर 2019

ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने कश्मीर पर बुधवार को एक आपात प्रस्ताव पारित किया. पीटीआई के मुताबिक इसमें पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन से कहा गया कि वे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के जम्मू-कश्मीर जाने और वहां लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग करें. उधर, भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने इसकी आलोचना करते हुए इसे ‘गलत विचार पर आधारित’ और ‘भ्रामक जानकारी’ बताया.

इस बीच, भारत ने कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग करने वाली ब्रिटेन की लेबर पार्टी के प्रस्ताव की आलोचना की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इस कदम को वोट बैंक को साधने वाला बताया. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर लेबर पार्टी या उसके प्रतिनिधियों से बातचीत करने का कोई सवाल नहीं है. कश्मीर पर ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक रुख के विपरीत विपक्ष ने यह प्रस्ताव पेश किया है. ब्रिटिश सरकार का रुख रहा है कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है.

मोहम्मद बिन सलमान ने जमाल खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी ली : रिपोर्ट | शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

सऊदी अरब के शहजादे यानी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने चर्चित पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी ली. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक उन्होंने जल्द प्रसारित होने जा रही एक डॉक्यूमेंट्री में यह बात कही है. मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि वे पिछले साल सऊदी अरब के एजेंटों द्वारा की गई इस हत्या की ज़िम्मेदारी लेते हैं क्योंकि इसे उनके रहते ही अंजाम दिया गया.

पिछले साल अक्टूबर में तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश के बाद से जमाल खशोगी लापता हो गए थे. वे सऊदी अरब के शाही परिवार के मुखर आलोचक थे और निर्वासन में अमेरिका में रह रहे थे. इसके बाद तुर्की ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद बिन सलमान के करीबियों में शामिल एक अधिकारी ने ही इस पत्रकार की हत्या की थी.

डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बातचीत सार्वजनिक न की जाए : रूस | शनिवार, 28 सितंबर 2019

रूस ने अमेरिका से कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन की फोन पर हुई बातचीत को सार्वजनिक न किया जाए. पीटीआई के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के बीच हुई बातचीत उजागर होने के बाद खड़े हुए विवाद के मद्देनजर रूस ने अमेरिका से यह आग्रह किया. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र में शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ‘जहां तक फोन पर हुई बातचीत की लिखित प्रतिलिपि की बात है, मेरी मां ने मुझे सिखाया था कि दूसरे के पत्र पढ़ना बुरी बात है.’ उन्होंने कहा, ‘यह शिष्टाचार नहीं है. उनके देशों द्वारा दो लोगों को शासन करने के लिए चुना गया है. कूटनीतिक शिष्टाचार एक निश्चित स्तर पर गोपनीयता की मांग करता है.’

25 जुलाई को व्लादिमीर जेलेंस्की के साथ डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई भी शुरू की गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप है उन्होंने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल किया. कहा जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वे ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के दावों की जांच शुरू करें.

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